Thursday, May 30, 2013

Raised bed gardening


रैज़्ड (उभरा) बेड गार्डनिंग (raised bed gardening)-

जैसा की इसके नाम से पता चलता है  रैज़्ड बेड (उभरा हुआ बिस्तर), ये खड़े हुए स्ट्रक्चर होते है जो कि लकड़ी ,पत्थर या कांक्रिट ब्लाक के बने होते हैं। इन ३-४ फुट ऊँचे बिस्तर में अच्छी क्वालिटी की मिट्टी भरी जाती है इससे मिट्टी की गुणवत्ता पर कोई दुस्प्रभाव नहीं पड़ता है  ये स्ट्रक्चर किसी भी शेप या साइज़ के हो सकते हैं। इसके द्वारा बंज़र सतहों ,चट्टान या हाई स्लैब के उपर भी सजावटी ,खाद्य और औषधीय पौधो को लगाया जा सकता है। इनमे प्लांट रेखीय पैटर्न (जियोमेट्रिक) में पास-पास लगाये जाते है परन्तु इतनी दूरी रखी जाती है कि एक दूसरे को बढने की पर्याप्त जगह मिले। रैज़्ड बेड के कुछ लाभ भी है जैसे कि बसंत ऋतु में भी मिट्टी तेज़ी से गर्म हो जाती है ,पानी निकलने की बेहतर सुविधा की जा सकती है। पारंपरिक गार्डन की तुलना में कम देखभाल की जरुरत होती है। ये बुजुर्गो और शारीरिक रूप से कमजोर लोगो के लिए भी अच्छा है उन्हें नीचे बैठने की जरुरत नहीं पड़ती और वे अपने बागवानी के शौक को भी आसानी से पूरा कर सकते हैं।  

रैज़्ड बेड गार्डनिंग में लगाये जाने वाले पौधे-


--खीरा(क्युकम्बर)



गाज़र(केरट)--

--मिर्च(चिली)



तुलसी(बेसिल)-- 

--लहसुन(गार्लिक)



छोटी प्याज(चिव) -- 

--पालक(स्पेनिच)




गेंदा(मेरीगोल्ड)--

--ज़िन्निया



आलू (पोटेटो)--




--टमाटर(टोमेटो)



मूली (रेडिश)--



दोस्तों आशा करती हु ये जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी।

nisha

Author & Editor

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